गुरुवार, 5 जुलाई 2018

भारत में सिंचाई के साधन - Sources of Irrigation in India

देश की लगभग 64.5% जनसंख्या कृषि कार्य में संलग्न रहती है और कुल राष्ट्रीय आय का 27.4% भाग कृषि से होता है, वर्तमान में देश में शुद्ध बोया गया क्षेत्र 16.2 करोड़ हेक्टेयर है सामान्य मानसून देश के मात्र एक-तिहाई भाग हेतु पर्याप्त होता है, इस प्रकार सिंचाई शेष भागों के लिए अनिवार्य बन जाती है वर्तमान में देश में 10.8 करोड है0 भूमि सिंचित है, आईये जानते हैं भारत में सिंचाई के साधन - Sources of Irrigation in India

भारत में सिंचाई के साधन - Sources of Irrigation in India

भारत में सिंचाई के साधन - Sources of Irrigation in India

भारत में शुद्ध बोले क्षेत्रफल के कुल 33% भाग पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, कुल सिंचित क्षेत्रफल के आधे से अधिक भाग पर सिंचाई के छोटे साधनों- कुएं, तालाब, झीलें, जलाशय, बाँध, नलकूप, मिट्टी के कच्चे बाँध, नल तथा जल स्रोतों द्वारा सिंचाई की जाती है। शेष भाग की सिंचाई बड़े साधनों, नहरों, नालियों आदि के माध्यम से की जाती है - 

भारत में सिंचाई को तीन परियोजनाआें में विभाि‍जित किया गया है - 
  1. प्रमुख सिंचाई - खेती योग्य नियंत्रित भूमि (सी.सी.ए.) लगभग 10,000 हेक्टेयर से भी ज्यादा हो।
  2. मध्यम सिंचाई - खेती योग्य नियंत्रित भूमि 2,000 हेक्टेयर से अधिक और 10,000 हेक्टेयर से कम हो।
  3. निम्न सिंचाई - खेती योग्य नियंत्रित भूमि 2,000 हेक्टेयर से ज्यादा न हो।
नोट - भारत में प्रमुख सिंचाई और मध्यम सिंचाई के साधन यहां बहने वाली नदियों से होती है जब के निम्न सिंचाई के साधनों में भूमिगत जल आता है इसमें ट्यूबल और बोरिंग से सिंचाई होती है
भारत मेंं प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाएं (Multipurpose Projects) या नदी घाटी परियोजनाएँ (River Valley Projects) चल रही हैं, जहां नदियों की घाटियो पर बडे-बडे बाँध बनाकर अनेक प्रकार के लाभ प्राप्‍त किये जाते हैं जिसमें सिंचाई भी प्रमुख है
  • भारत के प्रमुख बांध और नदियाँ
  • भारतीय कृषि व्यवस्था
भारत में सिंचाई के निम्नलिखित साधन पाए जाते है-
  • नहरों द्वारा - 31.1%
  • कुँओं द्वारा - 22.1%
  • तालाबों द्वारा - 4.7%
  • नलकूपों द्वारा - 36.6%
  • अन्य साधन - 5.0% 

सिंचाई के विभिन्न नवीनतम स्रोत - various latest sources of irrigation

  • ड्रिप सिंचाई (Drip irrigation) - इसे टपक सिंचाई भी कहा जाता है। इस प्रणाली में खेत में पाइप लाइन बिछाकर स्थान-स्थान पर नोजल लगाकर सीधे पौधे की जड़ में बूंद-बूंद करके जल पहुंचाया जाता है।
  • छिड़काव सिंचाई (Sprinkler irrigation)  - सिंचाई की इस विधि में पाइप लाइन द्वारा पौधों पर फब्बारों के रूप में पानी का छिड़काव किया जाता है। 
  • रेन वाटर हार्वेस्टिंग (Rain Water Harvesting) - वर्षा के जल को एकत्रित करके सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। वर्षा के बाद इस पानी को उत्पादक कार्यों के लिये उपयोग हेतु एकत्र करने की प्रक्रिया को वर्षाजल संग्रहण कहा जाता है। दूसरे शब्दों में आपकी छत पर गिर रहे वर्षाजल को सामान्य तरीके से एकत्र कर उसे शुद्ध बनाने के काम को वर्षाजल संग्रहण कहते हैं।

अन्‍य महत्‍वपूर्ण तथ्‍य - 

  1. उत्तर प्रदेश में कितने प्रतिशत सिंचाई नलकूप द्वारा होती है - 50% 
  2. भारत के किस भाग में तालाब से सिंचाई सबसे अधिक की जाती है - दक्षिणी भारत 
  3. किस राज्य में तालाबों द्वारा सर्वाधिक सिंचाई की जाती है - तमिलनाडु में 
  4. सबसे अधिक नलकूप किस राज्य में है - उत्तर प्रदेश
  5. भारत के किस राज्य में सिंचाई मुख्यतः नहरों द्वारा की जाती है - पंजाब 
  6. किस दक्षिणी राज्य में नहर नलकूप और तालाब द्वारा सिंचाई की जाती है - आंध्र प्रदेश

भारत के ऊर्जा संसाधन - india energy resources

विश्व के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों में भारत का छठवां स्थान है जबकि ऊर्जा उत्पादक देशों में भारत का 11वां स्थान है भारत में ऊर्जा की विकास दर 3.6% प्रतिवर्ष है आइए जानते हैं भारत के ऊर्जा संसाधनों के बारे में - India Energy Resources in Hindi
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भारत के ऊर्जा संसाधनों के बारे में - India Energy Resources in Hindi

  1. परंपरागत ऊर्जा के स्रोत - जलावन और उपले, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और बिजली।
  2. गैर परंपरागत ऊर्जा के स्रोत - सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भू-तापीय ऊर्जा, बायोगैस और परमाणु ऊर्जा।

परंपरागत ऊर्जा के स्रोत (conventional energy sources)

जलावन और उपले

भारत की लगभग 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, ग्रामीण घरों की ऊर्जा की जरूरत का 70% भाग जलावन और उपलों से पूरा होता है, इसमें जंगलों की लकडी और गाय, भैंस के गोबर का उपयोग किया जाता है

कोयला (Coal)

अपनी वाणिज्यिक ऊर्जा जरूरतों के लिए भारत कोयले पर सबसे ज्यादा निर्भर है। कोयला भारत के उत्तरी भाग में बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं और भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है। कोयले के तीन प्रकार होते हैं जो निम्नलिखित हैं -

  1. लिग्नाइट
  2. बिटुमिनस कोयला
  3. एंथ्रासाइट कोयला

पेट्रोलियम (Petroleum)

कोयले के बाद भारत का मुख्य ऊर्जा संसाधन पेट्रोलियम है विभिन्न कार्यों के लिए पेट्रोलियम ऊर्जा का ही प्रयोग किया जाता है और पेट्रोलियम बहुत सारी उद्योगों के लिए भी कच्चे माल की आपूर्ति करता है पेट्रोलियम से प्लास्टिक टेक्सटाइल फार्मास्यूटिकल आदि जैसी चीजें बनती हैं

भारत में पेट्रोलियम की आपूर्ति का 63 प्रतिशत हिस्सा मुंबई हाई से मिलता है तथा 18% गुजरात सेवर 13% असम से आता है गुजरात में सबसे महत्वपूर्ण तेल का क्षेत्र अलंकेश्वर है भारत का सबसे पुराना पेट्रोलियम उत्पादक असम है 

प्राकृतिक गैस (natural gas)

प्राकृतिक गैस पेट्रोलियम के साथ भी पाई जाती है और इसके अलावा यह अकेली भी मिल जाती है इसका इस्तेमाल ईंधन और कच्चे माल के तौर पर होता है कृष्णा गोदावरी बेसिन में प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार हैं इसके अलावा खंभात की खाड़ी मुंबई हाई और अंडमान निकोबार में भी प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार हैं प्राकृतिक गैस का प्रयोग उर्वरक के तौर पर और बिजली उत्पादन में होता है आजकल आप देख रहे होंगे पूरे देश में सीएनजी का इस्तेमाल गाड़ियों में ईंधन के रूप में भी होने लगा है

बिजली (Elsectricity)

भारत में बिजली परंपरागत ऊर्जा के संसाधनों में आती है बिजली का उत्पादन मुख्य रूप से दो तरीकों से होता है एक बहते जल से और दूसरा कोयला पेट्रोलियम या प्राकृतिक गैस को धन के रूप में इस्तेमाल करके टरबाइन चलाया जाता है और उसे बिजली का उत्पादन किया जाता है देश में मुख्य पनबिजली उत्पादक है भाखड़ा नांगल कोमा दामोदर वैली कारपोरेशन कोपली हाइडल प्रोजेक्ट आदि वर्तमान में देश में 300 से ज्यादा थर्मल पावर स्टेशन है

गैर परंपरागत ऊर्जा के स्रोत (Non-conventional energy sources)

परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy)

परमाणु विखंडन से ऊर्जा का निर्माण किया जाता है निर्माण के लिए यूरेनियम का इस्तेमाल किया जाता है इससे बहुत भारी मात्रा में सौर ऊर्जा निकलती है इसका इस्तेमाल बिजली पैदा करने के लिए किया जाता है यूरेनियम और झारखंड और राजस्थान की पहाड़ियों पर पाए जाते हैं भारत में 17 नाभिकीय ऊर्जा रिएक्टर हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 4120 मेगावाट इकाई है। सौर ऊर्जा
सौर ऊर्जा को ऊर्जा है जो सीधे सूरज की रोशनी से प्राप्त होती है सौर ऊर्जा को विद्युत में बदलने के लिए फोटोवोल्टिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है भारत में सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा प्लांट भुज के निकट माधवपुर में है 

पवन ऊर्जा (Wind power)

हवा द्वारा जो ऊर्जा प्राप्त की जाती है उसे पवन ऊर्जा कहते हैं इससे इसमें पवन चक्कियों द्वारा हवा की शक्ति को इस्तेमाल करके टरबाइन घुमाया जाता है और बिजली पैदा की जाती है भारत को विश्व का पवन सुपर पावर माना जाता है पवन ऊर्जा के मामले में आंध्र प्रदेश, कर्णाटक, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र और तामिलनाडु भी अहम हैं।

ज्वारीय ऊर्जा (tidal energy)

समुद्र में आने वाले ज्‍वारों का इस्तेमाल करके ज्वारीय ऊर्जा पैदा की जाती है इसके लिए समुद्र पर जहां ज्वार आते हैं वहां बांध बनाकर ज्‍वारों को रोक लिया जाता है और जब ज्‍वार चला जाता है तो गेट को खोला जाता है जब पानी समुद्र की ओर वापस जाता है तो पानी के बहाव के कारण टरबाइन चलते हैं और बिजली पैदा होती है कच्छ की खाड़ी में 900 मेगा वाट का एक ज्वारीय ऊर्जा प्लांट बनाया गया है इसे नेशनल हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन ने बनाया है

भू-तापीय ऊर्जा (geothermal energy)

धरती के अंदर कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां धरती के नीचे लावा गर्म होने से ऊष्मा दरारों में वाष्‍प का धरती की सतह पर आती है और भूमिगत जल भाप बनकर भाग के रूप में ऊपर उठता है इस पाप का इस्तेमाल टरबाइन चलाने में किया जाता है और बिजली पैदा की जाती है भारत में अभी प्रयोग के तौर पर भूतापीय ऊर्जा से बिजली बनाने के लिए केवल दो संयंत्र स्थापित किए गए हैं पहला हिमाचल प्रदेश में मनीकरण के निकट पार्वती घाट में है और दूसरा लद्दाख में पूगा घाटी में स्थित है 

बायोगैस  (Biogas)

गाय भैंस के गोबर खरपतवार को कुछ विशेष प्रकार के बैक्टीरिया उपयोगी बायोगैस में बदल देते हैं चूंकि इस उपयोगी गैस का उत्पादन जैविक प्रक्रिया (बायोलॉजिकल प्रॉसेस) द्वारा होता है, इसलिए इसे जैविक गैस (बायोगैस) कहते हैं। मिथेन गैस बायोगैस का मुख्य घटक है। भारत में ग्रामीणों द्वारा बायोगैस प्लांट को व्यक्तिगत तौर पर भी बनाया जा रहा है बायोगैस प्लांट से ऊर्जा के साथ-साथ खाद की प्राप्ति भी होती है

भारत के खनिज संसाधन - Mineral Resources in India

खनिज  Mineral) वह पदार्थ होते हैं जिन्‍हें पृथ्वी के धरातल से खोदकर निकाला जाता है उन्हे खनिज कहते है। भारत में खनिज सम्पदा का विशाल भंडार है, भारत में लगभग सभी प्रकार के खनिज मिलते हैं क्योंकि इसकी भूगर्भिक संरचना में प्राचीन दृढ़ भूखण्डों का बड़ा योगदान है, भारत में लौह-अयस्क का बहुत विशाल भंडार है। भारत लोहा के अलावे मैंगनीज, क्रोमाईट, टाइटेनियम, मैग्नासाईट, केनाईट, सिलिमनाईट, परमाणु-खजिनों अभ्रक और बाक्साइट के मामले में न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि इनका बड़ी मात्रा में निर्यात भी करता है आईये जानते हैं भारत के खनिज संसाधन - Mineral Resources in India
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भारत के खनिज संसाधन - Mineral Resources in India

खनिज तीन प्रकार के होते हैं - 

  1. धात्वीक खनिज - वह खनिज जिनसे हम धातु प्राप्त कर सकते हैं उन्हे धात्विक खनिज कहते है। धात्विक खनिज को तीन भागों में बांटा गया है। इन खनिज में धातु कच्‍चे रूप में होती है 
    1. लौह धातु : खनिज जिसमें लोहे का अंश होता है। जैसे लोहा अयस्क, निकल, कोबाल्ट आदि। 
    2. अलौह धातु : खनिज जिसमें लौह अयस्क के अलावा धातुऐं पार्इ जाती है। जैसे तांबा, सीसा, जस्ता व बॉक्साइट। 
    3. बहुमूल्य खनिज : ऐसे खनिज जिनका आर्थिक मूल्य उच्च होता है। जैसे- सोना, चाँदी आदि।
  2. अधात्वीक खनिज - इन खनिज में धातु नहींं पायी जाती है इन्‍हें अधात्वीक खनिज कहते है जैसे पोटाश ग्रेफाइट गन्धक अभ्रक, लवण, पोटाश, सल्फर, ग्रेनाइट, चूना पत्थर, संगमरमर, बलुआ पत्थर
  3. ऊर्जा खनिज - यह वह खनिज होते हैं जिनसे हमारे देश में ऊर्जा पूर्ति की होती है जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राक्रतिक गैस आदि
    • भारत के ऊर्जा संसाधन
    • भारत की बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ
    • भारतीय राज्य और उनके प्रमुख लोक नृत्य

 भारत के खनिज और उनके उत्‍पादक राज्‍य – Indias Mineral and Producer State

भारत के अलग-अलग राज्‍यों में अलग अलग खनिजों का उत्‍पादन होता है इस पोस्‍ट में जानेंगे खनिज और उनके उत्‍पादक राज्‍यों के नाम तो आइये जानते हैं भारत के खनिज और उनके उत्‍पादक राज्‍य – Indias Mineral and Producer State
  • चॉदी (Silver) –  राजस्‍थान, झारखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु
  • नमक (Salt) – गुजरात, महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु, राजस्‍थान
  • पेट्रोलियम (Petroleum) – गुजरात, असोम, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश 
  • कोयला (Coal) – झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, जम्‍मू कश्‍मीर 
  • जिप्‍सम (Gypsum) – राजस्‍थान, जम्‍मू कश्‍मीर,  गुजरात, तमिलनाडु
  • ग्रेफाइट (Graphite) – ओडिशा, तमिलनाडु, झारखंड
  • सोना (Gold) – झारखंड, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश
  • हीरा (Diamond) – मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश 
  • निकिल (Nickel)  – गोवा, ओडिशा, तमिलनाडु, झारखंड, महाराष्‍ट्र
  • जस्‍ता (Zinc) – राजस्‍थान,  गुजरात, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु
  • एंटीमनी (Antimony) – हिमाचम प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक
  • शीरा (molasses) – झारखंड, उत्‍तर प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु
  • चूना-पत्थर (Limestone) – राजस्‍थान, गुजरात, मध्‍य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, छत्‍तीसगढ
  • अभ्रक (Mica) – आंध्र प्रदेश, झारखंड, राजस्‍थान
  • बॉक्‍साइट (Bauxite) – ओडिशा, तमिलनाडु, झारखंड, गुजरात, मध्‍य प्रदेश,महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु
  • सीसा (Lead) – राजस्‍थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश
  • तांबा (Copper) – मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, झारखंड, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश
  • यूरेनियम (Uranium) –  झारखंड
  • टिन (Tin) – छत्तीसगढ़
  • संगमरमर (Marble) – राजस्‍थान, गुजरात, मध्‍य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक

अक्‍सर पूछे जाने वाले महत्‍वपूर्ण प्रश्‍न - 

  1. भारत में तांबा के उत्पादन में प्रथम तीन राज्य क्रमश: कौन हैं - मध्यप्रदेश, राजस्थान और झारखंड ।
  2. भारत में बॉक्साइट का सबसे अधिक उत्पादन किस राज्य में होता है - उड़ीसा कुल उत्पादन का 50 %
  3. अभ्रक के उत्पादन में विश्व में पहला स्थान किस देश का है - भारत
  4. देश में कुल सोने के उत्पादन का 98 प्रतिशत भाग कहां से प्राप्त होता है - कर्नाटक
  5. जस्ता के लिए कौन-सा खान प्रसिद्ध है - जवार खान (राजस्थान)
  6. भारत में यूरेनियम कहां पाया जाता है - झारखंड (रांची, हजारीबाग, सिंहभूम)
  7. यूरेनियम के उत्पादन में देश का पहला राज्य कौन है - झारखंड
  8. मैग्नेजाइट का सबसे अधिक भंडार किस राज्य में है - उत्तराखंड (68 प्रतिशत भंडार)
  9. विश्व का सबसे बड़ा थोरियम निर्माता देश कौन-सा है - भारत 
  10. भारत में थोरियम अधिक भंडार किस राज्य में है - राजस्थान 
  11. क्रोमाइट के उत्पादन में पहला स्थान किस राज्य का है - उड़ीसा
  12. टंगस्टन का भंडार कहां ज्यादा है - देगाना (राजस्थान)
  13. हीरे की खान देश में कहां है - पन्ना (मध्यप्रदेश)
  14. भारत के किस राज्य में कोयले का विशाल भंडार है - झारखंड 
  15. लौह अयस्क सबसे अधिक किस राज्य में पाया जाता है - झारखंड 
  16. ग्रेनाइट का सबसे अधिक भंडार किस राज्य में है - तमिलनाडु में 
  17. भारत विश्व का कौन से नंबर का सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है - चौथा 
  18. भारत में कार्यरत तेल रिफाइनरियों में से निजी क्षेत्र की रिफाइनरी है - दो 
  19. भारत किस उर्वरक के लिए आयात पर निर्भर करता है - पोटाश के लिए 
  20. भारत में किस उर्वरक की सबसे ज्यादा खपत होती है - नाइट्रोजन उर्वरक 

विश्व की प्रमुख जनजातियां - Major Tribes Of The World in Hindi

सामान्यतः जनजाति (Tribes) ऐसे मानव समुदाय को कहा जाता है जो किसी क्षेत्र के मूल निवासी होते हैं लेकिन उनकी संस्कृति मैं आदम लक्षण पाए जाते हैं और वह बहुत बड़े पैमाने की समुदाय के साथ संपर्क में नहीं रहते हैं इनमें पिछड़ेपन जैसी विशेषताएं भी पाई जाती हैं भारत में ऐसे समुदायों को आदिवासी भी कहा जाता है तो आइए जानते हैं विश्व की प्रमुख जनजातियों के नाम - Major Tribes Of The World in Hindi

विश्व की प्रमुख जनजातियां - Major Tribes Of The World in Hindi

विश्व की प्रमुख जनजातियां - Major Tribes Of The World in Hindi - Janjatiya

विश्व की 10 सबसे ऊंची चोटियां
विश्व के देश और उनके उपनाम
  1. एस्कीमो - ग्रीनलैंड, कनाडा
  2. खिरगीजो - मध्य एशिया
  3. माओरी - न्यूजीलैंड
  4. मसाई - पूर्वी अफ्रीका (कीनिया)
  5. बेद्दास - श्रीलंका
  6. नीग्रो - मध्य अफ्रीका
  7. सेमांग - मलेशिया
  8. यूकाधिर - साइबेरिया
  9. आइनू - जापान
  10. बुशमैन - कालाहारी मरुस्थल (बोत्सवाना)
  11. रेड इंडियन - उ. अमेरिका (कनाडा)
  12. पिग्मीज - कांगो बेसिन
  13. बोरो - ब्राजील
  14. इंकाथा - द. अफ्रीका
  15. हैदा - अमेरिका
  16. तार्तार - साइबेरिया
  17. बद्दू - अरब
  18. पपुआंस - न्यू गिनी
  19. याकू - टुंड्रा प्रदेश
  20. जुलू - नेटाल प्रांत (द. अफ्रीका )

अंबानी ने बढ़ाई कोका-कोला और पेप्सी की मुश्किलें, गर्मी में कौन बेचेगा सबसे ज्यादा माल, कोल्ड ड्रिंक सेक्टर में धमाका

  गर्मी का मौसम आते ही एक बार फिर मार्केट में कोल्ड ड्रिंक की मांग बढ़ने लगी है, जिसे देखते हुए अंबानी ने भी अपनी कोल्डड्रिंक मार्केट में उत...